लॉकडाउन (तालाबंदी)
‘‘लॉकडाउन’’ शब्द वह शब्द है, जिससे दुनियां का हर वर्ग, हर व्यक्ति, सभी इस शब्द से परिचित है अगर कोई व्यक्ति आज इस शब्द से परिचित न हो तो इस शब्द का अपमान करना होगा। लॉकडाउन को अगर एक सरल तरीके से समझे तो इसका मतलब है कि ‘‘खुद को घर में कैद करना’’ लॉकडाउन शब्द की उत्पत्ति सुपर पावर अमेरिका के 9/11 हमले के बाद से हुई जब अमेरिका में आपातस्थिति होने पर पहली बार 3 दिन का लॉकडान किया गया था।
इसके बाद 2005 में न्यू साउथ वेल्स (ऑस्ट्रेलिया) ने पुलिस दंगा रोकने के लिए लॉकडादन किया था, 19 अप्रैल 2013 को बोस्टन शहर (इरान) को आतंकियों की खोज के लिए लॉकडाउन कर दिया गया था, उसके बाद नवम्बर 2005 में पैरिस हमले के बाद संदिगग्धों को पकड़ने के लिए साल 2015 में ब्रसेल्स में पूरे शहर को लॉकडाउन किया गया था। और आज देश कोविड-19 महामारी से बचने के लिए लॉकडाउन का उपयोग कर रहा है।
लॉकडाउन के प्रभाव:
जिस इलाके में लॉकडाउन किया जाता है उसे क्षेत्र के लोगों को घर से बाहर निकलने की अनुमति नही होती है।
उन्हें सिर्फ दवा और खाने -पीने जैसी जरुरी चीजों की खरीदारी के लिए ही बाहर आने की इजाजत मिलती है इस दौरान वे बैंक से पैसे निकाल सकते हैं।
- अगर लॉकडाउन की वजह से किसी तरह की परेशानी हो तो आप संबंधित पुलिस थाने, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक अथवा अन्य उच्च अधिकारी को फोन कर सकते हैं।
- यह सरकार द्वारा अपनाई गई अस्थाई व्यवस्था होती है। यह ब्नतमिू से बिलकुल अलग होती है।
- लोक डाउन से समाज पर इसके व्यापक प्रभाव होते हैं जैसे - सामाजिक आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक आदि।
- रोजगार बन्द होने से जहां लोगों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ता है तो वहीं मंदिर, मस्जिदों में आवाजाही से उनके धार्मिक अनुष्ठानों पर प्रभाव पड़ता है।
- राजनैतिक समस्याऐं भी विकराल रूप ले लेती है, इलेक्शन का ना हो पाना, लोक नियुक्ति ना हो पाना, संसद का कार्य सुचारु रूप से ना चल पाना।
- शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव
- पुराने असाध्य रोगों से लड़ रहे मरीजों के उपचार में विलंब होना इत्यादि।

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